अर्थ —आवश्यक या अभीष्ट वस्तु अचानक या अनायास मिल जाती है, तब ऐसा कहते हैं।
वाक्य प्रयोग— व्यापर में घाटे से मेरी दुर्दशा देखकर मेरे मित्र सोहन ने मुझे दोबारा व्यापर करने के लिए आर्थिक सहायता देने की बात कही तो मेरे लिए अंधा क्या चाहे दो आँखें जैसी बात हो गयी।