Muhabre aur Kahabat
मुहावरे और कहावतें

अँधेरे में तीर चलाना

 

अँधेरे में तीर चलाना

अर्थ –  अनुमान से प्रयास करना।

वाक्य प्रयोग –  मुझे प्रश्न का उत्तर नहीं पता था, बस अंधेरे में तीर चला दिया और तुक्के से सही हो गया।

अँधेरे में तीर चलाना

अंडा सिखावे बच्चे को कि चीं-चीं मत कर

अंडा सिखावे बच्चे को कि चीं-चीं मत कर

अर्थ: जो स्वयं किसी दोष या बुरी आदत से ग्रस्त हो, वह दूसरों को उसी बात से बचने की सीख दे।

उदाहरण: खुद हमेशा देर से आने वाला व्यक्ति दूसरों को समय की पाबंदी सिखाए—यह तो “अंडा सिखावे बच्चे को कि चीं-चीं मत कर” वाली बात हुई।

अंत भला तो सब भला

अंत भला तो सब भला 

 

अर्थ —परिणाम अच्छा हो जाए तो सब कुछ माना जाता है।

 

वाक्य प्रयोग —मैच में शुरुआत खराब होने के बावजूद भारत ने मैच जीत लिया, इसे कहते हैं अंत भला तो सब भला ।

अंधा क्या चाहे, दो आंखे

अंधा क्या चाहे, दो आंखे 

अर्थ —आवश्यक या अभीष्ट वस्तु अचानक या अनायास मिल जाती है, तब ऐसा कहते हैं।

वाक्य प्रयोग— व्यापर में घाटे से मेरी दुर्दशा देखकर मेरे मित्र सोहन ने मुझे दोबारा व्यापर करने के लिए आर्थिक सहायता देने की बात कही तो मेरे लिए अंधा क्या चाहे दो आँखें जैसी बात हो गयी। 

अंधा बांटे रेवड़ी आपन आपन दे

अंधा बांटे रेवड़ी आपन आपन दे

अर्थ —अधिकार पाने पर स्वार्थी मनुष्य अपने ही लोगों और इष्ट-मित्रों को ही लाभ पहुंचाते हैं।

वाक्य प्रयोग —मंत्री बनने के बाद उसने अपनी ही पार्टी के लोगों को फायदा पहुँचाया, तब लोगों ने कहा - "अंधा बांटे रेवड़ी फिर-फिर अपनों को दे"। 

अंधा सिपाही कानी घोड़ी, विधि ने खूब मिलाई जोड़ी

 

अंधा सिपाही कानी घोड़ी, विधि ने खूब मिलाई जोड़ी

अर्थ— समान अवगुण वाले लोगों का मेल।

वाक्य प्रयोग— नेताओं के भ्रष्ट बयानों पर लोग कहते हैं- "अंधा सिपाही कानी घोड़ी, विधि ने खूब मिलाई जोड़ी"।

अंधी पीसे, कुत्ते खायें

 

अंधी पीसे, कुत्ते खायें 

अर्थ — मूर्खों को कमाई व्यर्थ नष्ट होती है।

वाक्य प्रयोग — रामू दिन-रात मजदूरी करता है और उसका आलसी भाई सारे पैसे जुए में उड़ा देता है; इसे कहते हैं— अंधी पीसे, कुत्ते खायें।

 

अंधे के आगे रोवे, अपना दीदा खोवे

अंधे के आगे रोवे, अपना दीदा खोवे 

अर्थ —मूर्खों को सदुपदेश देना या उनके लिए शुभ कार्य करना व्यर्थ है।

वाक्य प्रयोग— "आजकल के अधिकारियों से अपनी समस्या कहना 'अंधे के आगे रोना अपना दीदा खोना' के बराबर है।"

अंधे के हाथ बटेर लगना

अंधे के हाथ बटेर लगना

अर्थ —अचानक कोई बड़ा लाभ मिलना

वाक्य प्रयोग—अनपढ़ रामू की लॉटरी क्या लगी, गाँव वाले कहने लगे कि यह तो अंधे के हाथ बटेर लगना है

अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूझी

अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूझी

अर्थ —जब कोई मूर्ख मनुष्य बुद्धिमानी की बात कहता है तब ऐसा कहते हैं।

वाक्य प्रयोग:—जब फेल होने वाले छात्र ने जटिल वैज्ञानिक तर्क दिया, तो शिक्षक बोले, "वाह! यह तो वही बात हुई कि अंधे को अंधेरे में बहुत दूर की सूजी"। 

अन्य प्रयोग:

अंधेर नगरी चौपट राजा, टका सेर भाजी टका सेर खाजा

अंधेर नगरी चौपट राजा, टका सेर भाजी टका सेर खाजा

अर्थ: जिस स्थान पर शासन या व्यवस्था ठीक न हो और अच्छी-बुरी सभी चीज़ों का मूल्य समान हो, वहाँ अव्यवस्था और मूर्खता का राज होता है।

वाक्य प्रयोग: विद्यालय में बिना योग्यता के भी सभी को समान पुरस्कार दिए गए, यह तो अंधेर नगरी चौपट राजा वाली बात हो गई।

अंधों में काना राजा

अंधों में काना राजा 

अर्थ: अज्ञानी या अयोग्य लोगों के बीच थोड़ा ज्ञान या योग्यता रखने वाले व्यक्ति को भी श्रेष्ठ या बुद्धिमान मान लिया जाना।

वाक्य प्रयोग: कंपनी में सब नए और अनुभवहीन कर्मचारी हैं, ऐसे में थोड़े बहुत ज्ञान वाला रोहन अंधों में काना राजा बनकर काम चला रहा है

 

अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता/फोड़ता

अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता/फोड़ता 
अर्थ: अकेला आदमी कोई बड़ा काम नहीं कर सकता; उसे अन्य लोगों की सहयोग की आवश्यकता होती है।
वाक्य प्रयोग: सुरेश अकेला ही सारे प्रोजेक्ट को पूरा करने की सोच रहा था, पर उसे समझ आ गया कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता, इसलिए उसने टीम की मदद ली।

अक्ल के अंधे, गाँठ के पूरे

 

अक्ल के अंधे, गाँठ के पूरे

अर्थ — निर्बुद्धि धनवान्

वाक्य प्रयोग — महेश हमेशा ऐसे लोगों की तलाश में रहता है जो आंख के अंधे गांठ के पूरे हों, ताकि वह उन्हें आसानी से अपनी बातों में फँसा कर पैसे ऐंठ सके।

अक्ल के घोड़े दौड़ाना

अक्ल के घोड़े दौड़ाना

अर्थ —बहुत अधिक सोच-विचार करना

 तरह-तरह की कल्पनाएं करना

 दिमाग पर बहुत ज़ोर डालना

वाक्य प्रयोग —कठिन सवाल को हल करने के लिए सोहन ने बहुत अक्ल के घोड़े दौड़ाए

, तब जाकर उसे सही उत्तर मिला।

अक्ल बड़ी कि भैंस 

अक्ल बड़ी कि भैंस 

अर्थ — बुद्धि शारीरिक शक्ति से श्रेष्ठ होती है।

वाक्य प्रयोग —उसने अपनी बुद्धि लगाई तो व्यापार में सफल हो गया और उसका साथी शारीरिक ताकत के भरोसे मुंह की खा गया, इसे ही कहते हैं अकल बड़ी या भैंस। 

अच्छी मति जो चाहो बूढ़े पूछन जाओ

अच्छी मति जो चाहो बूढ़े पूछन जाओ

अर्थ —बड़े बूढ़ों की सलाह से कार्य सिद्ध हो जाते हैं।

वाक्य प्रयोग —युवा पीढ़ी अक्सर अपनी जल्दबाजी में गलत फैसले ले लेती है, उन्हें समझना चाहिए कि अच्छी मति जो चाहो, बूढ़े पूछन जाओ"

अति सर्वत्र वर्जयेत्

अति सर्वत्र वर्जयेत् 

अर्थ: किसी भी कार्य, वस्तु या व्यवहार में अति (अत्यधिकता/सीमा से अधिक होना) बुरी होती है। हर काम मर्यादा और संतुलन में ही किया जाना चाहिए।

वाक्य प्रयोग: पढ़ाई करना अच्छी बात है, लेकिन सेहत का ध्यान रखे बिना लगातार जागना सही नहीं है; याद रखो, अति सर्वत्र वर्जयेत्

अन्त भले का भला

अन्त भले का भला 

अर्थ: जो व्यक्ति अच्छे और भलाई के काम करता है, अंत में उसका परिणाम भी अच्छा होता है और उसे सुख ही मिलता है। (यदि परिणाम अच्छा निकले, तो रास्ते में आई परेशानियाँ मायने नहीं रखतीं।)

अपना उल्लू सीधा करना

अपना उल्लू सीधा करना 

अर्थ: अपना स्वार्थ सिद्ध करना या केवल अपना ही काम निकालना।

वाक्य प्रयोग: आजकल के राजनीतिज्ञ केवल चुनाव के समय ही मीठी बातें करके अपना उल्लू सीधा करते हैं

अपना रख पराया चख

अपना रख पराया चख 

अर्थ: अपनी चीज़ बचाकर रखना और दूसरों की चीज़ों का इस्तेमाल करना या उपभोग करना।

वाक्य प्रयोग: रमेश अपनी कार हमेशा गैरेज में खड़ी रखता है और दोस्तों की गाड़ियों से घूमता है—वह तो अपना रख पराया चख वाली नीति अपनाता है।

अपना सिक्का खोटा तो परखैया का क्या दोष?

अपना सिक्का खोटा तो परखैया का क्या दोष? 
अर्थ: यदि अपने सगे-सम्बन्धी में कोई दोष हो और कोई अन्य व्यक्ति उसे बुरा कहे, तो उससे नाराज नहीं होना चाहिए।
वाक्य प्रयोग: परीक्षा में खुद पढ़ाई नहीं की और अब शिक्षक को बुरा-भला कह रहे हो, यह तो वही बात हुई कि अपना सिक्का खोटा तो परखैया का क्या दोष।

Pages