अंधा बांटे रेवड़ी आपन आपन दे

अंधा बांटे रेवड़ी आपन आपन दे

अर्थ —अधिकार पाने पर स्वार्थी मनुष्य अपने ही लोगों और इष्ट-मित्रों को ही लाभ पहुंचाते हैं।

वाक्य प्रयोग —मंत्री बनने के बाद उसने अपनी ही पार्टी के लोगों को फायदा पहुँचाया, तब लोगों ने कहा - "अंधा बांटे रेवड़ी फिर-फिर अपनों को दे"।