Muhabre aur Kahabat
मुहावरे और कहावतें

चंदन की चुटकी भरी, गाड़ी भरा न काठ

 

चंदन की चुटकी भरी, गाड़ी भरा न काठ

अर्थ —अच्छी वास्तु कम होने पर भी मूल्यवान होती है, जब कि मामूली चीज अधिक होने पर भी कोई कीमत नहीं रखती

वाक्य प्रयोग —भले ही मेरी टीम में सिर्फ दो ही समझदार कर्मचारी हैं पर मुझे सौ निकम्मे लोग नहीं चाहिए। क्योंकि चंदन की चुटकी भली गाड़ी भरा न काठ

चील के घोसले में माँस कहाँ

 

चील के घोसले में माँस कहाँ

अर्थ — जहाँ कुछ भी बचने की संभावना न हो

वाक्य प्रयोग — बेरोजगार भाई से पैसों की उम्मीद करना वैसी ही है जैसे चील के घोंसले में मांस खोजना।

छछूंदर के सर पर चमेली का तेल।

 

छछूंदर के सर पर चमेली का तेल।

अर्थ—अयोग्य के पास योग्य वस्तु का होना

वाक्य प्रयोग — मूर्ख राजू को लाटरी में एक लाख रुपए मिल गए, इसे ही कहते हैं छछूंदर के सिर चमेली का तेल।

छप्पर पर फूंस नहीं, ड्योढ़ी पर नाच

 

छप्पर पर फूंस नहीं, ड्योढ़ी पर नाच ।

अर्थ — दिखावटी ठाट-वाट परन्तु वास्तविकता में कुछ भी नहीं

वाक्य प्रयोग — रामू के घर में खाने को दाने नहीं हैं लेकिन वह कर्ज लेकर दिखावा कर रहा है इसे ही कहते हैं- "छप्पर पर फूस नहीं डेवढ़ी पर नक़्क़ारा"। 

 

 

जिसके हाथ डोई, उसका सब कोई

 

जिसके हाथ डोई, उसका सब कोई

अर्थ — धनी व्यक्ति के सब मित्र होते हैं

वाक्य प्रयोग — जब रमेश अमीर बन गया तो उसके पुराने दुश्मन भी दोस्त बन गए। आखिर सही ही कहा गया है कि जिसके हाथ डोई उसका सब कोई। 

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