अंधी पीसे, कुत्ते खायें

 

अंधी पीसे, कुत्ते खायें 

अर्थ — मूर्खों को कमाई व्यर्थ नष्ट होती है।

वाक्य प्रयोग — रामू दिन-रात मजदूरी करता है और उसका आलसी भाई सारे पैसे जुए में उड़ा देता है; इसे कहते हैं— अंधी पीसे, कुत्ते खायें।