बिनमांगे मोती मिले मांगे मिले न भीख

बिनमांगे मोती मिले मांगे मिले न भीख 
अर्थ: संतोषी और भाग्यवान् को बैठे-बिठाये बहुत कुछ मिल जाता है परन्तु लोभी और अभागे को मांगने पर भी कुछ नहीं मिलता।वाक्य प्रयोग: गीता ने मदद की उम्मीद छोड़ी थी, तभी पड़ोसी ने आकर सहायता की, जिससे साबित हुआ कि बिन मांगे मोती मिले, मांगे मिले न भीख।