आधुनिक जीवन की इसी भागदौड़ की समस्या का समाधान योग में छिपा हुआ है। भारत ही नहीं विश्व योग की तरफ आकर्षित हो रहा है। अब विद्यार्थियों को सकारात्मक ऊर्जा देने
अगर आप मेहनत, हौसले और पॉजिटिव सोच के साथ तैयारी करेंगे, तो आगे बढ़ सकेंगे। बस दिखावे से बचकर ईमानदारी से प्रयास करें। शुरुआती प्रयासों में कामयाबी न मिले, तो भ
दोस्तों आज आप अपने आसपास जो भी इंसान के द्वारा बनाई गई चीज देख रहे हैं वह सभी किसी न किसी के विचार थे, विचार ही हैं जो हमारी दुनिया को नया आकार देते हैं और इसे
सीखने से मतलब कोई हुनर, तकनीक या किसी विशेष गुण से ही नहीं है। क्या आपने किसी से कुछ सीखा? कुछ नया पढा? कोई नया शब्द सीखा?
ईश्वर ने जब सृष्टि की रचना की थी तब विभिन्न प्राकृतिक संरचनाओं के साथ-साथ प्राणियों की उत्पत्ति भी की। इनमें से एक प्राणी-मानव है, जिसमें अन्य प्रणियों से अधिक
जीवन में सर्वांगीण उन्नति के लिए चार प्रकार के बल जरूरी हैं- शारीरिक बल, मानसिक बल, बौद्धिक बल, संगठन बल।
युवा ही किसी समाज व देश की नींव होते हैं. युवा शक्ति में इतनी ताकत है कि वे चाहे तो देश को बुलंदियों तक पहुंचा दें.
सफलता का मूल मनुष्य की इच्छाशक्ति में समाहित होता है। समुद्र से मिलने की प्रबल अकांशु करने वाली नदी की भांति वह मनुष्य भी अपनी सफलता के लिए माल निकाल लेता है,
“बड़ा सोचो, जल्दी सोचो, सबसे आगे सोचो, विचारों पर किसी का भी एकाधिकार नहीं है। – धीरूभाई अंबानी / Dhirubhai Ambani
हमारे आस-पास कई नई चीजें हैं। बस हम उन्हें देख
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